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भारत में तय सालाना सीमा से ऊपर क्रिप्टो बेचने पर बिक्री की रकम का 1% TDS के रूप में कटता है। यह क्रेडिट है, कोई अलग टैक्स नहीं।
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यह नियम 1 जुलाई 2022 को धारा 194S के रूप में शुरू हुआ। 1 अप्रैल 2026 से वही 1% दर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 393 में है।
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सालाना रकम "स्पेसिफ़ाइड पर्सन" के लिए ₹50,000 और बाक़ी सबके लिए (एक्सचेंज समेत) ₹10,000 तक रहे तो TDS नहीं कटता।
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अगर आपने TDS काटने वाले को अपना PAN नहीं दिया है, तो दर बढ़कर 20% हो जाती है।
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एक जैसे भाव पर ₹1,00,000 बार-बार लगाएं तो हर बिक्री के बाद 99% बचता है। 50 बिक्री के बाद ₹60,501 बचते हैं; लगभग 69 राउंड ट्रिप में ट्रेडिंग की रकम आधी हो जाती है।
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अपने सालाना टैक्स स्टेटमेंट और AIS में TDS जांचें, फिर रिटर्न के टैक्स-पेड सेक्शन में इसका क्लेम करें। ज़्यादा कटा तो रिफ़ंड मिलता है।
आधिकारिक स्रोत, उदाहरण और सवाल-जवाब btcmedia.news की पूरी हिंदी गाइड में हैं।
सामान्य जानकारी, टैक्स सलाह नहीं।