स्टेकिंग
Staking
स्टेकिंग में आप प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए अपने कॉइन लॉक करते हैं और बदले में इनाम पाते हैं। यह सीधे वैलिडेटर चलाकर, किसी एक्सचेंज के ज़रिए या लिक्विड स्टेकिंग से हो सकता है।
जोखिम: कॉइन का भाव गिर सकता है, लॉक की अवधि में निकासी में देरी हो सकती है, और एक्सचेंज या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की विफलता का ख़तरा रहता है।
यह भी देखें
काम के टूल: क्रिप्टो टैक्स कैलकुलेटर · बिटकॉइन का भाव (INR) · हिंदी गाइड
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