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स्टेकिंग और एयरड्रॉप टैक्स कैलकुलेटर

By BtcMedia Research · अपडेट

भारत में स्टेकिंग इनाम, माइनिंग से मिले कॉइन और एयरड्रॉप पर आम तौर पर दो बार टैक्स लगता है: जिस दिन टोकन मिलें, उस दिन की रुपये में क़ीमत पर आपके स्लैब से, और बाद में बेचने पर 31.2%। बेचते समय पहली रकम को आपकी लागत माना जाएगा या नहीं, यह अभी तय नहीं है। इसलिए यह कैलकुलेटर दोनों हिसाब साथ-साथ दिखाता है।

असली भाव से: टैक्स ईयर 2025-26 में हर दिन ₹100 का ETH स्टेकिंग इनाम मिला, यानी ₹36,500 की आय, जिस पर आपके स्लैब से टैक्स लगा। 31 मार्च 2026 को इन टोकन की क़ीमत ₹29,856 रह गई थी और 29 अक्टूबर 2026 के क्लोज़ पर ₹32,408 है। 365 में से 252 दिन का इनाम आज उस रकम से कम का है जिस पर टैक्स भरा गया, और यह घाटा किसी आय से नहीं कटता। नीचे का कैलकुलेटर इसी उदाहरण से भरा है।

आपके टोकन

हर इनाम को उसके मिलने वाले दिन के भाव से जोड़ें।

नई व्यवस्था: ₹4 लाख तक 0%, फिर 5% के क़दम, ₹24 लाख से ऊपर 30%। रिबेट से स्लैब टैक्स शून्य हो जाता है, तो 0% चुनें।

नतीजा

लागत का अनसुलझा सवाल आपके लिए ₹10,111 का है: मिलते समय की क़ीमत को लागत माना जाए तो कुल टैक्स ₹11,388, न माना जाए तो ₹21,499 (बिक्री रकम का 66%)। टोकन उस क़ीमत से ₹4,092 कम में बिके जिस पर टैक्स भरा था; यह घाटा किसी आय से नहीं कटता।

मदलागत = मिलते समय की क़ीमत (ज़्यादातर CA)लागत = शून्य (सख़्त व्याख्या)
मिलने पर टैक्स (स्लैब + 4% सेस)₹11,388₹11,388
बिक्री में घटाई गई लागत₹36,500₹0
बिक्री पर टैक्स वाला मुनाफ़ा₹-4,092₹32,408
बिक्री पर टैक्स (31.2%)₹0₹10,111
कुल टैक्स₹11,388₹21,499
बिक्री रकम का कितना टैक्स में35%66%
बिक्री से हाथ में बचा₹21,020₹10,909

पहले से कटा 1% TDS (इसी टैक्स में गिना जाएगा, अलग से नहीं): ₹324

मान्यताएं: व्यक्ति, रेज़िडेंट; मिलने वाली आय पर आपका सबसे ऊंचा (मार्जिनल) स्लैब और 4% सेस; बिक्री पर 30% + 4% सेस = 31.2%; सरचार्ज नहीं (₹50 लाख तक); बिक्री पर घाटा हो तो टैक्स शून्य, पर घाटा कहीं नहीं कटता।

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100 रुपये रोज़ के इनाम: टैक्स किस पर लगा, टोकन की क़ीमत क्या रही

टैक्स ईयर 2025-26 में हर दिन ₹100 का इनाम, हर दिन के क्लोज़ भाव पर। "आय" पर मिलते समय टैक्स लगता है, चाहे टोकन बाद में गिर जाएं।

कॉइनआय, जिस पर टैक्स लगाक़ीमत, 31 मार्च 2026क़ीमत, 29 अक्टूबर 2026जिन दिनों का इनाम अब कम का
इथेरियम (ETH)₹36,500₹29,856 (-18%)₹32,408 (-11%)252 / 365
सोलाना (SOL)₹36,500₹23,102 (-37%)₹26,916 (-26%)306 / 365

30% स्लैब पर ₹36,500 की आय का टैक्स ₹11,388 बनता है, जो 31 मार्च 2026 तक भरना था, जबकि तब तक टोकन ₹6,644 गिर चुके थे। सबक: हर इनाम मिलते ही उसकी रुपये में क़ीमत और उस पर बनने वाला टैक्स अलग लिख लें, और टैक्स का पैसा उसी टोकन में न रखें।

भाव: Bitstamp दैनिक क्लोज़ (UTC) × ECB USD/INR, 29 अक्टूबर 2026 तक। स्टेकिंग यील्ड नहीं मानी गई; उदाहरण सिर्फ़ रुपये की रकम पर है।

दो हिसाब, एक सवाल

आयकर अधिनियम 2025 में क्रिप्टो बेचने पर सिर्फ़ "लागत, अगर कोई हो" घटती है। स्टेकिंग, माइनिंग या एयरड्रॉप के लिए अलग से कोई धारा नहीं है और CBDT ने कोई सर्कुलर जारी नहीं किया। ज़्यादातर CA मिलते समय टैक्स भरी क़ीमत को लागत मानते हैं, ताकि दूसरा टैक्स सिर्फ़ बाद की बढ़त पर लगे। सख़्त व्याख्या में लागत शून्य है और वही रकम दो बार टैक्स होती है।

पूरी व्याख्या: स्टेकिंग और एयरड्रॉप पर दो बार टैक्स (अंग्रेज़ी) · गिफ़्ट, एयरड्रॉप, स्टेकिंग और माइनिंग टैक्स गाइड (अंग्रेज़ी)

FAQ

क्या स्टेकिंग इनाम पर भारत में टैक्स लगता है?

हां। ज़्यादातर चार्टर्ड अकाउंटेंट स्टेकिंग इनाम को मिलने वाले दिन की रुपये में क़ीमत पर "अन्य स्रोतों से आय" मानते हैं, जिस पर आपके स्लैब से टैक्स लगता है (बिज़नेस की तरह वैलिडेटर चलाने वालों के लिए बिज़नेस आय)। बाद में बेचने, स्वैप करने या ख़र्च करने पर 30% + 4% सेस अलग से लगता है।

बेचते समय स्टेकिंग इनाम की लागत क्या मानी जाएगी?

यही अनसुलझा सवाल है। आयकर अधिनियम 2025 में सिर्फ़ "लागत, अगर कोई हो" घटती है। CA आम तौर पर कहते हैं कि मिलते समय जिस क़ीमत पर टैक्स भरा, वही लागत है; सख़्त व्याख्या में लागत शून्य है। हमारी गाइड के उदाहरण (₹1,00,000 का इनाम, ₹1,20,000 में बेचा, 30% स्लैब) पर यह कैलकुलेटर ₹37,440 बनाम ₹68,640 कुल टैक्स दिखाता है।

क्या एयरड्रॉप पर टैक्स लगता है, अगर मैंने बेचा ही नहीं?

ज़्यादातर CA कहते हैं हां, मिलने वाले दिन की क़ीमत पर। एयरड्रॉप को गिफ़्ट नियम में भी गिना जा सकता है: ग़ैर-रिश्तेदारों से साल भर के गिफ़्ट ₹50,000 से ज़्यादा हों तो पूरी रकम पर टैक्स, वरना नहीं। इस पर CBDT का कोई सर्कुलर नहीं है, इसलिए अपने CA से पूछें।

क्या स्टेकिंग से मिले टोकन बेचने पर 1% TDS कटता है?

हां, भारतीय एक्सचेंज पर बेचने पर बिक्री रकम का 1% TDS कटता है (साल में ₹10,000 से ऊपर; कुछ लोगों के लिए ₹50,000)। यह अतिरिक्त टैक्स नहीं है, ITR में आपके कुल टैक्स से घटता है।

क्या गैस फ़ीस या वैलिडेटर फ़ीस घटा सकते हैं?

नहीं। क्रिप्टो बेचने पर सिर्फ़ लागत घटती है, कोई ख़र्च नहीं। और क्रिप्टो का घाटा किसी दूसरी आय से नहीं कटता, न अगले साल ले जाया जा सकता है।

स्रोत: आयकर अधिनियम 2025 (गज़ट) · AVS & Associates: स्टेकिंग, माइनिंग, एयरड्रॉप टैक्स · Harun Raaj & Associates: क्रिप्टो माइनिंग, स्टेकिंग, एयरड्रॉप · आयकर विभाग: VDA पर टैक्स · आयकर विभाग: गिफ़्ट पर टैक्स · भाव: Bitstamp दैनिक क्लोज़ × ECB USD/INR. नियम 31 अक्टूबर 2026 को जांचे गए।

टैक्स सलाह नहीं। स्टेकिंग और एयरड्रॉप के नियम तय नहीं हैं। यह एक शैक्षिक अनुमान है; ITR भरने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें कि वे कौन-सा हिसाब मानते हैं।

और टूल: क्रिप्टो टैक्स कैलकुलेटर · स्टेबलकॉइन यील्ड बनाम FD · Schedule VDA CSV बिल्डर · Ethereum गैस फ़ीस ₹ में

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  1. टूल लॉन्च: स्टेकिंग, माइनिंग और एयरड्रॉप टैक्स कैलकुलेटर। मिलते समय की क़ीमत पर स्लैब + 4% सेस, बिक्री पर 31.2%, लागत के दोनों हिसाब (मिलते समय की क़ीमत बनाम शून्य) साथ-साथ, एयरड्रॉप के लिए ₹50,000 का गिफ़्ट नियम, और 1% TDS क्रेडिट के रूप में। असली भाव से उदाहरण: पिछले पूरे टैक्स ईयर में रोज़ ₹100 के ETH और SOL इनाम (Bitstamp × ECB)।