क्रिप्टो TDS पर CBDT सर्कुलर 13/2022, हर सवाल आसान भाषा में
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22 जून 2022 को आयकर विभाग ने सर्कुलर नंबर 13/2022 जारी किया: छह सवाल-जवाब, जो बताते हैं कि असली सौदों में क्रिप्टो पर 1% TDS कैसे कटता है। एक्सचेंज आज भी इसी नियम-पुस्तिका पर चलते हैं। यहां हर जवाब आसान भाषा में है, साथ में एक टूल जो बताता है कि आपके सौदे पर TDS कौन काटेगा।
मेरे क्रिप्टो सौदे पर 1% TDS कौन काटेगा?
अपनी स्थिति चुनें और रक़म डालें। हर जवाब CBDT सर्कुलर 13/2022 के उस सवाल से लिया गया है जो आपके सौदे पर लागू होता है।
TDS कौन काटेगा
एक्सचेंज
- TDS किस रक़म पर
- ₹1,00,000
- 1% TDS
- ₹1,000
- आपके हाथ में
- ₹99,000
सिर्फ़ वही एक्सचेंज TDS काटता है जो आपको भुगतान करता है। दूसरी तरफ़ का ख़रीदार दोबारा नहीं काटता।
सीमा: एक्सचेंज "स्पेसिफ़ाइड व्यक्ति" नहीं है, इसलिए साल में आपको ₹10,000 से ज़्यादा भुगतान होते ही TDS लगता है; नियमित ट्रेडर यह सीमा जल्दी पार कर लेते हैं।
नियम कहां लिखा है: सर्कुलर 13/2022, सवाल 1(i) पैरा 1 · आयकर अधिनियम, 2025: धारा 393(1), टेबल क्रम संख्या 8(vi)
₹10,000 की पूरी सालाना सीमा (जिसके बाद एक्सचेंज को TDS काटना होता है) 30 अक्टूबर 2026 के भाव पर सिर्फ़ 0.00137 BTC है, और ₹50,000 की सीमा 0.00683 BTC। यानी बिटकॉइन की एक छोटी बिक्री भी आपको सीमा के पार ले जा सकती है।
टैक्स सलाह नहीं। रेज़िडेंट विक्रेता के लिए शैक्षिक अनुमान। नॉन-रेज़िडेंट पर यह 1% नियम नहीं, धारा 393(2) लागू होती है।
यह सर्कुलर क्या है
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194S ने 1 जुलाई 2022 से क्रिप्टो और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) के भुगतान पर 1% TDS लागू किया। इसकी उप-धारा (6) ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को दिक़्क़तें दूर करने के लिए दिशानिर्देश जारी करने का अधिकार दिया। सर्कुलर नंबर 13/2022 (F.No. 370142/29/2022-TPL (Part-I), 22 जून 2022) वही दिशानिर्देश है: छह पन्ने, छह सवाल।
ज़्यादातर सारांश एक बात छोड़ देते हैं: यह सर्कुलर लगभग पूरा एक्सचेंजों के लिए लिखा गया है। इसमें "Exchange" शब्द 42 बार आता है; "peer to peer" सिर्फ़ एक बार, यह बताने के लिए कि P2P सौदों पर सिर्फ़ सवाल 6 का जवाब लागू है। अगर आप WazirX, CoinDCX, CoinSwitch या किसी दूसरे भारतीय प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रेड करते हैं, तो आपका TDS इसी सर्कुलर के हिसाब से कटता है।
क्या आयकर अधिनियम, 2025 में यह अब भी लागू है?
हां। 1 अप्रैल 2026 से 2025 के क़ानून ने 1961 के क़ानून की जगह ली, लेकिन धारा 536(2)(j) कहती है कि पुराने क़ानून के तहत जारी हर सर्कुलर, जहां तक वह नए क़ानून से टकराता नहीं, नए क़ानून की संबंधित धारा के तहत जारी माना जाएगा और लागू रहेगा (गज़ट, पेज 492)। ऐसे दिशानिर्देश जारी करने का CBDT का अधिकार अब धारा 400(2) में है; 1% TDS ख़ुद अब धारा 393(1), टेबल क्रम संख्या 8(vi) में है। पूरी सूची के लिए हमारा पुरानी-नई धाराओं का नक्शा देखें।
व्यवहार में सिर्फ़ फ़ॉर्म के नाम बदले हैं: फ़ॉर्म 26QF (एक्सचेंज का स्टेटमेंट) और 26QE (स्पेसिफ़ाइड व्यक्ति का चालान-सह-स्टेटमेंट) के नए नियमों में नए नंबर हैं, जैसे एक्सचेंज स्टेटमेंट के लिए फ़ॉर्म 142।
सवाल 1: एक्सचेंज पर ट्रेड करने पर TDS कौन काटेगा
आप बेचते हैं, एक्सचेंज आपको भुगतान करता है। भुगतान एक्सचेंज कर रहा है, इसलिए 1% एक्सचेंज काटता है। अगर बेचे जा रहे कॉइन किसी ब्रोकर के अपने हैं, तो ब्रोकर ही विक्रेता माना जाता है।
आप ब्रोकर के ज़रिए एक्सचेंज पर ट्रेड करते हैं। आम तौर पर एक्सचेंज और ब्रोकर दोनों ज़िम्मेदार हैं। अगर दोनों लिखित समझौता करें, तो सिर्फ़ ब्रोकर काटता है, और एक्सचेंज ऐसे सभी सौदों का तिमाही स्टेटमेंट समय पर भरता है।
आप एक्सचेंज के अपने कॉइन ख़रीदते हैं। अब एक्सचेंज विक्रेता है, इसलिए क़ानून ज़िम्मेदारी ख़रीदार या उसके ब्रोकर पर डालता है। ख़रीदार को पता नहीं होता कि कॉइन किसके हैं, इसलिए सर्कुलर एक व्यावहारिक रास्ता देता है: एक्सचेंज लिखित में यह टैक्स ख़ुद भरने, तिमाही स्टेटमेंट और अपना रिटर्न भरने को तैयार हो सकता है। तब ख़रीदार को धारा 201 के तहत "डिफ़ॉल्टर" नहीं माना जाता।
सर्कुलर शब्दों की परिभाषा भी देता है: एक्सचेंज वह है जो VDA के ख़रीदारों और विक्रेताओं को मिलाने वाला ऐप या प्लेटफ़ॉर्म चलाता है, और ब्रोकर वह है जो ग्राहकों के लिए एक्सचेंज पर ऑर्डर लगाता है।
सवाल 2: सामान या क्रिप्टो में भुगतान और स्वैप
अगर भुगतान सामान में हो (दूसरा कॉइन, कोई चीज़, पैसे के अलावा कुछ भी), तो 1% काटने के लिए नकद नहीं होता। भुगतान करने वाले को देने से पहले पक्का करना होता है कि टैक्स जमा हो गया। व्यवहार में विक्रेता इसे एडवांस टैक्स की तरह भरकर चालान दिखाता है, फिर भुगतान करने वाला उसकी रिपोर्ट करता है।
स्वैप में दोनों पक्ष ख़रीदार भी हैं और विक्रेता भी, इसलिए दोनों ज़िम्मेदार हैं। एक्सचेंज पर सर्कुलर लिखित समझौते के साथ एक्सचेंज को यह काम संभालने देता है, इस तरह:
- हर कॉइन का 1% रोका जाता है। सर्कुलर का उदाहरण Monero और Deso का सौदा है: Monero का 1% और Deso का 1% रोका जाता है।
- रोके गए कॉइन अगर "प्राइमरी" नहीं हैं, तो मार्केट ऑर्डर से तुरंत प्राइमरी VDA में बदले जाते हैं। सर्कुलर में प्राइमरी VDA ठीक ऐसे लिखे हैं: "(BT, ETH, USDT, USDC)", यानी बिटकॉइन, ईथर, टेथर और USD कॉइन।
- 00:00 से 23:59 तक रोका गया सब जोड़कर रात 00:00 बजे खुले ख़रीद ऑर्डरों के सामने रुपये में बेचा जाता है, और रुपये सरकार को जाते हैं। एक्सचेंज ख़ुद इन कॉइन का ख़रीदार नहीं बन सकता।
- आपको ईमेल पर कॉन्ट्रैक्ट नोट मिलता है, और इस बदलाव पर अलग से TDS नहीं लगता।
सवाल 3: धारा 194Q के साथ दोहरा TDS नहीं
धारा 194Q बड़े ख़रीदारों की सामान ख़रीद पर 0.1% TDS है। अगर किसी क्रिप्टो सौदे पर 194S के तहत TDS कट चुका है, तो उसी सौदे पर 194Q लागू नहीं होता।
सवाल 4: 1% किस रक़म पर
TDS GST और काटने वाले की फ़ीस घटाकर बची रक़म पर लगता है (जैसे एक्सचेंज फ़ीस और उस पर GST)। यानी ₹1,00,000 की बिक्री पर फ़ीस और GST ₹236 हो, तो TDS ₹99,764 का 1%, यानी ₹997.64 है, ₹1,000 नहीं। ऊपर वाले टूल में या पूरे क्रिप्टो TDS कैलकुलेटर में आज़माएं।
सवाल 5: पेमेंट गेटवे
अगर ख़रीदार पहले ही TDS काट चुका है, तो उसी भुगतान को प्रोसेस करने वाले पेमेंट गेटवे को दोबारा नहीं काटना है। गेटवे ख़रीदार से लिखित भरोसा (अंडरटेकिंग) ले सकता है कि टैक्स कट चुका है।
सवाल 6: सीमा का साल 1 अप्रैल 2022 से गिना गया
₹50,000 की सीमा ("स्पेसिफ़ाइड व्यक्ति" के लिए: ऐसा व्यक्ति या HUF जिसकी कारोबारी आय नहीं है, या टर्नओवर ₹1 करोड़ / प्रोफ़ेशनल आय ₹50 लाख तक है) और ₹10,000 की सीमा (बाक़ी सब, एक्सचेंज समेत) सालाना हैं। सवाल 6 कहता है कि 2022-23 की गिनती 1 अप्रैल 2022 से शुरू हुई, लेकिन 1 जुलाई 2022 से पहले हुए भुगतान पर TDS नहीं लगा। सर्कुलर के मुताबिक़ यही एक जवाब P2P सौदों पर भी लागू है।
सर्कुलर में क्या नहीं है: P2P
P2P या OTC सौदे पर ऊपर के एक्सचेंज वाले नियम लागू नहीं होते। सीधा क़ानून लागू होता है: जो आपको भुगतान करता है, वह 1% काटता है। अगर ख़रीदार स्पेसिफ़ाइड व्यक्ति है, तो उसे TAN नहीं चाहिए; वह अपना PAN देता है और महीना ख़त्म होने के 30 दिन के अंदर चालान-सह-स्टेटमेंट से टैक्स जमा करता है (आयकर विभाग)। PAN न हो तो दर 20% है; विक्रेता नॉन-रेज़िडेंट हो तो धारा 195 (अब 393(2)) लागू होती है।
ट्रेडर के तौर पर क्या जांचें
एक्सचेंज की TDS रिपोर्ट को फ़ॉर्म 26AS या AIS (नए नियमों में फ़ॉर्म 168) से मिलाएं। 1% कोई अलग टैक्स नहीं है: 30% वाले टैक्स में इसका क्रेडिट मिलता है। रिटर्न में दिखाने के लिए हमारी शेड्यूल VDA गाइड, और सीमा व सक्रिय ट्रेडरों का कितना पैसा TDS में अटकता है, इसके लिए हमारी 1% TDS गाइड देखें।
यह गाइड सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। ऊपर की हर बात सर्कुलर 13/2022 के मूल पाठ और आयकर विभाग के TDS पेज से ली गई है; अपने मामले के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
CBDT सर्कुलर 13/2022 क्या है?
यह केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के 22 जून 2022 के दिशानिर्देश हैं, जो धारा 194S(6) के तहत यह समझाने के लिए जारी हुए कि क्रिप्टो और दूसरे VDA पर 1% TDS कैसे काम करता है। इसमें छह सवालों के जवाब हैं, ज़्यादातर एक्सचेंज पर होने वाले सौदों के बारे में।
भारतीय एक्सचेंज पर क्रिप्टो बेचने पर TDS कौन काटता है?
जो एक्सचेंज आपको भुगतान करता है, वह 1% काटता है। ब्रोकर के ज़रिए ट्रेड करें तो दोनों ज़िम्मेदार हैं, जब तक उनके बीच लिखित समझौता न हो कि ब्रोकर काटेगा; तब सिर्फ़ ब्रोकर काटता है।
क्रिप्टो-से-क्रिप्टो स्वैप पर TDS कैसे कटता है?
एक्सचेंज पर हर कॉइन का 1% रोका जाता है, प्राइमरी कॉइन (बिटकॉइन, ईथर, USDT या USDC) में बदला जाता है, दिन भर जमा होता है और रात 00:00 बजे रुपये में बेचा जाता है। रुपये सरकार को जाते हैं और आपको ईमेल पर कॉन्ट्रैक्ट नोट मिलता है।
क्या क्रिप्टो पर TDS फ़ीस घटाकर लगता है?
हां। सर्कुलर का सवाल 4 कहता है कि TDS GST और काटने वाले की फ़ीस (जैसे एक्सचेंज फ़ीस) घटाकर बची रक़म पर लगता है।
क्या सर्कुलर 13/2022 P2P क्रिप्टो सौदों पर लागू है?
सिर्फ़ सीमा वाला जवाब (सवाल 6)। P2P सौदों पर सीधा क़ानून लागू है: जो ख़रीदार आपको भुगतान करता है, उसे 1% काटना है; ख़रीदार स्पेसिफ़ाइड व्यक्ति हो तो सालाना ₹50,000 की सीमा है।
क्या आयकर अधिनियम 2025 के बाद भी सर्कुलर 13/2022 लागू है?
हां। आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 536(2)(j) पुराने क़ानून के सर्कुलरों को, जहां तक वे नए क़ानून से टकराते नहीं, नई संबंधित धारा (यहां धारा 400(2)) के तहत जारी मानकर लागू रखती है।
स्रोत
- CBDT Circular No. 13 of 2022, 22 June 2022 (Income Tax Department)
- Income Tax Department: TDS on payment for the transfer of virtual digital assets
- Income Tax Department: Section 194S (Income-tax Act, 1961)
- Income-tax Act, 2025 (Act No. 30 of 2025), Gazette of India, 21 August 2025
- Income-tax Act, 2025, section 393 (Income Tax Department)
- Income Tax Department: Form 142
- Circular 13/2022 full text (copy hosted by TaxGuru)✓ लिंक जांचा 25 अक्टू॰ 2026
यह अंग्रेज़ी गाइड का हिंदी संस्करण है। तथ्य, आंकड़े और स्रोत मूल गाइड जैसे ही हैं।
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